नाथ संप्रदाय साहित्य भंडार

हमारे बारे में

नाथ संप्रदाय के प्रामाणिक ग्रंथ — छपे हुए, हाथ में आने वाले। यह दुकान महाराष्ट्र के कलवण से चलती है।

अंतिम बार बदला गया: 2026-08-26


यह दुकान कौन चलाता है

नाथ संप्रदाय साहित्य भंडारअतिथि फ़र्नीचर, HDFC बैंक के पास, गणेश नगर, मु.पो. कलवण, ता. कलवण, जि. नाशिक — 423501, महाराष्ट्र

यह एक छोटी, एक व्यक्ति की चलाई हुई दुकान है। ऑर्डर यहीं से बाँधा और भेजा जाता है, और सवाल का जवाब भी यहीं से आता है — बीच में कोई और नहीं।

यहाँ क्या बिकता है

नाथ संप्रदाय के दस ग्रंथ — गुरु गोरक्षनाथ की महिमा, नौ नाथों का चरित्र, तंत्र और उपासना की विधियाँ, तीर्थ स्थलों का विवरण, और नित्य पाठ की पुस्तिकाएँ। यंत्र और चित्रपट आगे जुड़ेंगे।

सारे ग्रंथ छपी हुई किताबें हैं, जो डाक से आपके पते पर पहुँचती हैं। यहाँ कोई ebook, PDF या पढ़ने वाला ऐप नहीं मिलता — और न आगे मिलेगा।

ग्रंथ किसने लिखे

दसों ग्रंथ महन्त डॉ. योगी विलासनाथजी के लिखे और संकलित हैं। जन्म 1957 में नासिक में, भौतिकी में बी.एस-सी. (1979) के बाद संन्यास। चिरा मठ अस्थल बोहर, रोहतक में हुआ, और हरिद्वार के गुरु गोरक्षनाथ मन्दिर में बीस वर्ष सेवा की। नवनाथ वाले ग्रंथ के चित्र भी उन्हीं के बनाए हैं।

उनका पूरा परिचय — उनके अपने «संक्षिप्त परिचय» से — गुरुजी वाले पन्ने पर है।

ग्रंथ छापता कौन है

ग्रंथ नाथ संप्रदाय की अपनी संस्थाओं से छपते हैं — अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा, गुरु गोरक्षनाथ मन्दिर, अपर रोड, हरिद्वार; और श्री बाबा मस्तनाथ मठ, मठ अस्थल बोहर, जिला रोहतक, हरियाणा। हर ग्रंथ के पन्ने पर उसका अपना प्रकाशक, संस्करण और पृष्ठ-संख्या लिखी है।

यह दुकान क्यों बनी

ये ग्रंथ अब तक मन्दिर और मठ पर ही मिलते थे। जो वहाँ तक नहीं पहुँच सकता — दूसरे राज्य में, या विदेश में — उसके लिए इन्हें ढूँढना कठिन था। यह दुकान उसी दूरी को पाटने के लिए है।

भरोसे की बात

भुगतान Razorpay से होता है; कार्ड या UPI का कोई विवरण इस दुकान तक नहीं पहुँचता। पार्सल Shiprocket से जाता है और उसका नंबर आपको ई-मेल पर मिलता है।

क्या लौटाया जा सकता है और क्या नहीं, यह वापसी वाली नीति में साफ़ लिखा है — ख़रीदने से पहले पढ़ लीजिए।