अलख निरंजन

नाथ परंपरा के ग्रंथ, अब आपके द्वार

गुरु गोरक्षनाथ की महिमा, नौ नाथों का चरित्र, तंत्र और उपासना की विधियाँ — योगी विलासनाथ जी के लिखे और संकलित ग्रंथ, सीधे आपके घर तक।

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परंपरा के वे ग्रंथ जिन्हें साधक सबसे अधिक खोजते हैं।

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गुरु परंपरा

आदिनाथ से नवनाथ तक

नाथ संप्रदाय की धारा आदिनाथ शिव से आरंभ होकर मत्स्येन्द्रनाथ और गुरु गोरक्षनाथ से होते हुए नौ नाथों और चौरासी सिद्धों तक फैली। हम उसी धारा के ग्रंथों को यथावत, बिना मिलावट, आप तक पहुँचाते हैं।

  • मूल पाठ के साथ सरल हिंदी भाष्य
  • परंपरा के जानकारों द्वारा सत्यापित
  • टिकाऊ जिल्द, पढ़ने योग्य छपाई

धातु यंत्र

जो धातु में उतरा, वह मन में उतरता है

हर यंत्र हाथ से उकेरा जाता है और भेजने से पूर्व विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है। साथ में पूजन विधि की पुस्तिका।

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पाठकों की वाणी

जिन्होंने पढ़ा, उन्होंने कहा

गोरक्ष संहिता का भाष्य इतना सरल है कि पहली बार पढ़ने वाला भी समझ जाए। छपाई और जिल्द दोनों उत्तम।

रमेश जोशी, नाशिक

ताम्र श्री यंत्र अपेक्षा से कहीं अच्छा निकला। पैकिंग इतनी मज़बूत थी कि खरोंच तक नहीं आई।

सुनीता देशमुख, पुणे

नवनाथ चरित्र सागर वर्षों से खोज रहा था। यहाँ मिला, और चार दिन में घर पहुँच गया।

धर्मेंद्र सिंह, गोरखपुर

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