
श्री नाथ सिद्धों की शंखढाल — श्री नाथ रहस्य (चतुर्थ खंड)
डॉ. योगी विलासनाथ
गुरु गोरक्षनाथ की महिमा, नौ नाथों का चरित्र, तंत्र और उपासना की विधियाँ — योगी विलासनाथ जी के लिखे और संकलित ग्रंथ, सीधे आपके घर तक।
चयनित
परंपरा के वे ग्रंथ जिन्हें साधक सबसे अधिक खोजते हैं।
संग्रह
गुरु परंपरा
नाथ संप्रदाय की धारा आदिनाथ शिव से आरंभ होकर मत्स्येन्द्रनाथ और गुरु गोरक्षनाथ से होते हुए नौ नाथों और चौरासी सिद्धों तक फैली। हम उसी धारा के ग्रंथों को यथावत, बिना मिलावट, आप तक पहुँचाते हैं।
धातु यंत्र
हर यंत्र हाथ से उकेरा जाता है और भेजने से पूर्व विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है। साथ में पूजन विधि की पुस्तिका।
पाठकों की वाणी
गोरक्ष संहिता का भाष्य इतना सरल है कि पहली बार पढ़ने वाला भी समझ जाए। छपाई और जिल्द दोनों उत्तम।
— रमेश जोशी, नाशिक
ताम्र श्री यंत्र अपेक्षा से कहीं अच्छा निकला। पैकिंग इतनी मज़बूत थी कि खरोंच तक नहीं आई।
— सुनीता देशमुख, पुणे
नवनाथ चरित्र सागर वर्षों से खोज रहा था। यहाँ मिला, और चार दिन में घर पहुँच गया।
— धर्मेंद्र सिंह, गोरखपुर
परंपरा के जानकारों द्वारा जाँचे गए
₹999 से ऊपर निःशुल्क
यंत्र एवं चित्रपट विशेष आवरण में
प्रातः 10 से सायं 7 तक
महीने में एक बार — नए प्रकाशन और परंपरा से जुड़ी बातें। कोई विज्ञापन नहीं।
कभी भी हट सकते हैं। ईमेल किसी को नहीं दिया जाता।