श्री नाथ सिद्धों की शंखढाल — श्री नाथ रहस्य (चतुर्थ खंड)
इस ग्रंथ में क्या है
ग्रंथ पाँच «रहस्यों» में बँटा है — दिन का कर्म, रात्रि का कर्म और उसके आगे। नीचे तैंतीस मुख्य शीर्षक हैं; इनमें से हर एक के नीचे ग्रंथ में विधि के अलग-अलग चरण विस्तार से दिए गए हैं।
प्रथम रहस्य
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 1 | समाधि (उत्तर क्रिया विधि) | 1 |
| 2 | मृतात्मा का तिया (तिसरे दिन) विधि | 25 |
| 3 | हरड़ पूजन भण्डारा | 27 |
| 4 | योगमाया का स्वरुप | 39 |
द्वितीय रहस्य — दिन का कर्म
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 5 | नित्यकर्म | 50 |
| 6 | योगमाया पूजन (शंखढ़ाल) की पूर्व तैयारी | 65 |
| 7 | स्थापना विधि | 81 |
| 8 | कैलाश स्थापना | 117 |
| 9 | आसन व्यवस्था (स्थापना) | 136 |
तृतीय रहस्य — रात्रि का कर्म
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 10 | मुख्य प्रवेश | 145 |
| 11 | अथ कर्म | 157 |
| 12 | पुतला संस्कार विधि | 203 |
| 13 | आदेश-नमन एवं शंखढाल विधि | 219 |
| 14 | नया चेला बनाने की विधि | 276 |
| 15 | दर्शनार्थी उपदेशी योगेश्वरों की पुतले पर शंखढाल विधि | 302 |
| 16 | मृतात्मा के भक्तों को दर्शन विधि | 308 |
| 17 | उत्तराधिकारी कर्म विधि | 314 |
| 18 | अनन्त गादी का विधि | 320 |
| 19 | उत्तरार्ध आरती विधि | 329 |
| 20 | पुतले को कैलाश जाने की विधि | 346 |
| 21 | पल्लू विधान | 361 |
| 22 | पुतले पर समाधि संस्कार (चौथा पहर) | 372 |
| 23 | कलीयुग आगमन विधि | 379 |
| 24 | हवन विधि (प्रातः) | 386 |
चतुर्थ रहस्य
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 25 | योगमाया शक्ति का सन्मान | 398 |
| 26 | विशाल भण्डार (आठमान भण्डार) | 400 |
पंचम रहस्य
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 27 | मोक्ष-मुक्ति | 404 |
| 28 | नाथ सिद्धों का सृष्टि सृजन सिद्धान्त | 414 |
| 29 | मृत्यु | 437 |
| 30 | नाथ सिद्धों की मुक्ति | 451 |
| 31 | यन्त्र-तन्त्र-मन्त्र-योग | 477 |
| 32 | आरती | 488 |
| 33 | उपसंहार | 490 |