श्री नाथ सम्प्रदाय के तीर्थ स्थल एवं प्राचीन भर्तृहरि गुफा महात्म्य
महन्त डॉ. योगी विलासनाथ
₹400
ग्रंथ
लेखक · डॉ. योगी विलासनाथ
पिनकोड से पता चलेगा कि कब तक पहुँचेगा
इस ग्रंथ में दादा मत्स्येंद्रनाथ जी द्वारा स्थापित उस गुप्त परंपरा का विवरण है, जिसमें नाथ सिद्धांतों की गुप्त शिक्षा दी जाती थी। इस संप्रदाय के सिद्धांतों को जानबूझकर रहस्यमयी और गुप्त रखा गया था, ताकि यह अनमोल ज्ञान समय के साथ लुप्त न हो। यह पुस्तक उन्हीं रहस्यों को अत्यंत सरल और सुगम रूप में पाठकों के समक्ष रखती है। प्रकाशक — श्री बाबा मस्तनाथ मठ, मठ अस्थल बोहर, जिला रोहतक (हरियाणा)। प्रकाशन वर्ष 2004। पृष्ठ संख्या 496।