श्री गोरक्षनाथ सिद्ध चालीसा
इस पुस्तिका में क्या है
इस पुस्तिका में छपी हुई अनुक्रमणिका नहीं है। नीचे वे भाग हैं जो इसमें मिलते हैं — ध्यान मंत्र और सिद्ध चालीसा से लेकर प्रार्थना, नित्य विधि और भजन तक।
इस पुस्तिका के भाग
नित्य विधि में लिखा है: प्रातः स्नान करके एकान्त पूजा-स्थल में गुरु गोरक्षनाथ जी का पंचोपचार पूजन करके ध्यानम्, गोरक्ष चालीसा और स्तोत्र का पाठ करें — और «ॐ शिव गोरक्ष योगी» का प्रतिदिन 108 बार या एक घंटा जाप।
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| ध्यान मंत्र | — | |
| श्री गोरक्षनाथ सिद्ध चालीसा | — | |
| स्तोत्र | — | |
| प्रार्थना — «ॐ शिव गोरक्ष योगी» | 42 | |
| नित्य विधि | 46 | |
| भजन | — |