
श्री नाथ सम्प्रदाय के तीर्थ स्थल एवं प्राचीन भर्तृहरि गुफा महात्म्य
महन्त डॉ. योगी विलासनाथ
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ग्रंथ
लेखक · योगी विलासनाथ
पिनकोड से पता चलेगा कि कब तक पहुँचेगा
इसमें शांत और पवित्र स्थान पर बैठकर नियमित रूप से प्रातःकाल गुरु गोरक्षनाथ जी की आराधना और सिद्ध चालीसा का पाठ करने की पूर्ण विधि बताई गई है। सर्वप्रथम विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की वंदना कर, मन में सद्गुरुदेव का ध्यान करते हुए गुरु द्वारा दिए गए गुरुमंत्र अथवा शाबरी बीज मंत्र "ॐ शिव गोरक्ष योगी" का कम से कम 108 बार, या एक घंटे मौन जाप करने का विधान दिया गया है। प्रकाशक — अखिल भारतीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा, गुरु गोरक्षनाथ मन्दिर, अपर रोड, हरिद्वार। प्रकाशन वर्ष 2000। पृष्ठ संख्या 44।