श्री नाथ सम्प्रदाय के तीर्थ स्थल एवं प्राचीन भर्तृहरि गुफा महात्म्य
महन्त डॉ. योगी विलासनाथ
₹400
ग्रंथ
लेखक · योगी विलासनाथ
पिनकोड से पता चलेगा कि कब तक पहुँचेगा
इस ग्रंथ की साधना से नाथ सिद्धों, भगवती और अन्य गुप्त शक्तियों की विशेष कृपा साधक को प्राप्त होती है। पुस्तक में सुंदर ढंग से स्पष्ट किया गया है कि आदिनाथ श्री ओंकार जी ने गुरु गोरक्षनाथ जी को यह तंत्र प्रदान किया था, जिसे आगे उदयानाथ जी ने पार्वती जी को सौंपा। यह ग्रंथ गुरु-शिष्य परंपरा और संप्रदाय के गुप्त रीति-रिवाजों का संरक्षण करता है। प्रकाशक — अखिल भारतीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा, गुरु गोरक्षनाथ मन्दिर, अपर रोड, हरिद्वार (उत्तराखण्ड)। प्रकाशन वर्ष 2009। पृष्ठ संख्या 184।