श्री नाथ रहस्य (खण्ड १-२-३)
इस ग्रंथ में क्या है
तीनों खंडों के मुख्य शीर्षक — नित्यकर्म और पूजा-पाठ विधि से लेकर नाथ सिद्ध यन्त्र निर्माण, धूना यज्ञ, योग सिद्धियाँ, बारह पंथ, महाकुम्भ पर्व और नाथ सिद्धों की बोली-भाषा तक। हर शीर्षक के नीचे ग्रंथ में विधि के चरण विस्तार से दिए गए हैं।
प्रथम खण्ड
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 1 | साधक तथा योगेश्वरों का प्रतिदिन अखण्ड-नित्यकर्म | 1 |
| 2 | श्री शम्भूजती गुरु गोरक्षनाथ जी की पूजा पाठ विधि | 6 |
| 3 | कलश-स्थापन-पूजा | 18 |
| 4 | सतगुरु हुकम जाप | 22 |
| 5 | श्रीनाथ सिद्ध योगिणी यन्त्र | 26 |
| 6 | धरत्री गायत्री पूजन | 44 |
| 7 | श्रीनाथ परम्परा पूजन | 47 |
| 8 | साधक कर्म | 53 |
| 9 | सर्वतो महारुद्र ९ नाथ ८४ सिद्ध चक्र स्थापना | 56 |
| 10 | केवल नामोल्लेख सर्वतो महारुद्र नाथ सिद्ध स्थापना | 88 |
| 11 | श्री नाथ सिद्ध यन्त्र निर्माण | 103 |
| 12 | अखण्ड दीप ज्योत जगाना पूजा तथा विधि | 170 |
| 13 | गुरु गोरक्षनाथ जी की प्रतिमा-प्राण-प्रतिष्ठा | 172 |
| 14 | षोडशोपचार–गुरु गोरक्षनाथ जी पूजन | 174 |
| 15 | रौरास (आवरण पूजा) | 217 |
| 16 | पाठ विधि — गुरु गोरक्षनाथ कुण्डली, ब्रह्मज्ञान, ज्ञान तिलक, आत्मज्ञान, ज्ञान चालीसा | 230 |
| 17 | गुरु गोरक्षनाथ जी का बीज मन्त्र-जाप विधि — «ॐ शिव गोरक्ष योगी» | 241 |
| 18 | गुरु गोरक्षनाथ जी का समाध निर्वाण | 246 |
द्वितीय खण्ड
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 1 | श्रीनाथ सिद्ध धूना (यज्ञ) | 249 |
| 2 | धूना-स्थापन तथा पूजन | 254 |
| 3 | रुद्र कलश स्थापना | 282 |
| 4 | हवन नियम | 287 |
| 5 | संकल्प | 291 |
| 6 | हवन | 292 |
| 7 | योग सिद्धियाँ — पंच धूना सिद्धि क्रिया, जल तत्व से मन्त्र सिद्धि, पवनहारी सिद्धि, तेज तत्व (सूर्य-चन्द्र) सिद्धियाँ, पृथ्वी तत्व सिद्धियाँ | 336 |
| 8 | वेद शब्दी पाठ — त्रिकाल गायत्री, सरभंग गायत्री, गर्भ गायत्री विधि | 342 |
| 9 | प्रातः धूप आरती पूजा — गोरक्षनाथाष्टक, ज्ञान गोदड़ी, गोरक्ष चालीसा, चौरासी सिद्ध चालीसा, चर्पटनाथ जी की शब्दी | 374 |
| 10 | भण्डार कर्म (स्थापन पूजन) | 401 |
| 11 | सन्ध्या आरती तथा पूजा पाठ — गुरु गोरक्षनाथ जी की सांखी | 417 |
| 12 | धूना बली पात्र-विधि | 427 |
| 13 | धूना पूर्णाहुति | 443 |
| 14 | मानपात्र दान | 444 |
| 15 | रुद्राभिषेक | 445 |
| 16 | छायादान | 446 |
| 17 | विसर्जन | 450 |
| 18 | योग-निन्द्रा-विधि-नियम | 452 |
तृतीय खण्ड
| क्रमांक | विषय | पृष्ठ |
|---|---|---|
| 1 | शब्द-निरुक्ति-आदेश — ॐ, शिव, गोरक्ष, नाथ, आदेश | 455 |
| 2 | सद्गुरु महिमा — सतगुरु विधि, विभूति, बाना, गोरख धन्धा, सतगुरु यन्त्र (अनहद चक्र) | 460 |
| 3 | नवनाथ उत्पत्ति गायत्री जाप | 499 |
| 4 | नवनाथ बोध | 506 |
| 5 | शाबर मन्त्र महिमा | 512 |
| 6 | नाथ सिद्धों की सिद्धियाँ — कुण्डल दर्शन, खप्पर, त्रिशूल व चिमटा, भैरव डण्डा, भभूती, गोरक्ष कील | 516 |
| 7 | सिद्ध योगेश्वरों के बारह पंथ | 528 |
| 8 | महाकुम्भ पर्व — त्र्यम्बक कुम्भ पर्व, पात्रदेवता स्थापन, पात्रदेव यात्रा | 536 |
| 9 | महाकुम्भ पर्व — हरिद्वार | 574 |
| 10 | महाकुम्भ पर्व — उज्जैन (अवन्तिका) | 582 |
| 11 | महाकुम्भ पर्व — प्रयागराज | 588 |
| 12 | पात्र छत्र स्थापना पूजन — ज्वालाजी, काठमाण्डु-मृगस्थली, कामाख्या शक्तिपीठ, गुरु गोरक्ष-काली प्रसंग | 590 |
| 13 | नाथ सिद्ध योगेश्वरों की जमात | 593 |
| 14 | समाधि (उत्तर क्रिया विधि) — थल समाधि, जीवित (जिन्दा) समाधि, जल समाधि | 611 |
| 15 | कुछ नाथ सिद्धों की प्रचलित बोली भाषा तथा उनका अर्थ | 626 |
| 16 | उपसंहार | 639 |
| 17 | श्रीनाथ रहस्य (खण्ड प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय) पूजन हवन सामग्री | 640 |
| 18 | विशेष महात्य तथा आवश्यक सूचना | 646 |