Shri Goraksh Tantram
What is inside this book
The complete contents of all twelve chapters — from the nature of Gorakshanath and the drawing out of the mantra to the making of the yantra, the full abhishek, the seats and tirthas, the principle of the sadguru, moksha, and the stotras.
The twelve chapters
Chapter names are in Sanskrit, with their meaning in brackets and the count of verses, exactly as printed.
| No. | Subject | Page |
|---|---|---|
| 1 | प्रथमः अध्याय — अलख निरञ्जन गोरक्षनाथस्य स्वरुपम् (अलख निरंजन गोरक्षनाथजी का स्वरुप), १–१७ श्लोक | 8 |
| 2 | द्वितीयः अध्याय — मन्त्रोद्धार (मन्त्र का उद्धार), १–१६ श्लोक | 12 |
| 3 | तृतीयः अध्याय — गोरक्ष यन्त्र निर्माण पूजा विधिंच (श्री गोरक्षनाथजी के यन्त्र और पूजन विधि), १–८२ श्लोक | 16 |
| 4 | चतुर्थः अध्याय — गोरक्ष मन्त्रम् (श्री गोरक्षनाथजी के मन्त्र), १–२२ श्लोक | 35 |
| 5 | पंचमः अध्याय — गोरक्ष पूर्णाभिषेक विधानम् (श्री गोरक्षनाथजी का सम्पूर्ण अभिषेक का विधान), १–१७७ श्लोक | 51 |
| 6 | षष्ठमः अध्याय — अथ गोरक्षम् मूल मन्त्र विधिनम् (श्री गोरक्षनाथ जी के मूल मन्त्र के विधि विधान), १–३२ श्लोक | 84 |
| 7 | सप्तमः अध्याय — सर्व रक्षेद् गोरक्ष अस्त्र च मन्त्रः (सर्व रक्षा होने के गोरक्षनाथजी के अस्त्र तथा मन्त्र), १–२६ श्लोक | 93 |
| 8 | अष्टमः अध्याय — अथ गोरक्षनाथस्य स्वरुपम् (श्री गोरक्षनाथजी का स्वरूप), १–३० श्लोक | 104 |
| 9 | नवमः अध्याय — गोरक्षं-पीठ-तीर्थ-वर्णनम् (श्री गोरक्षनाथजी के पीठ अर्थात तीर्थ क्षेत्रों का वर्णन), १–७५ श्लोक | 111 |
| 10 | दशमः अध्याय — श्री सद्गुरात्त्त्वम् रहस्यम् (श्री सद्गुरु जी का तत्व रहस्य), १–८४ श्लोक | 129 |
| 11 | एकादशः अध्याय — मोक्ष-मुक्ति तत्वम् (मोक्ष-मुक्ति तत्व का साधन), १–२४ श्लोक | 150 |
| 12 | द्वादशः अध्याय — श्री गोरक्ष स्तोत्रम् (श्री गोरक्षनाथ जी के स्तोत्र) | 157 |
Stotras and aarti
The sub-list inside the twelfth chapter, as printed.
| No. | Subject | Page |
|---|---|---|
| 1 | संकट नाशक गोरक्ष स्तोत्रम् (श्री गोरक्षनाथ जी का संकट नाशक स्तोत्रम्) — नित्यपाठ, १–१३ श्लोक | 157 |
| 2 | श्री नाथ गोरक्ष स्तोत्रराज (श्री गोरक्षनाथ जी का स्तोत्रराज), १–१५ श्लोक | 161 |
| 3 | गोरक्षंऽघोर स्तोत्रं (गुरु गोरक्षनाथ जी का अघोर स्तोत्र), १–१६ श्लोक | 165 |
| 4 | जय हो! जय हो (आरती) | 173 |
And at the end
| No. | Subject | Page |
|---|---|---|
| 13 | ग्रंथस्य विधियों के विशेष नियम | 174 |
| 14 | पूजन तथा हवन सामग्री (साहित्य सूची) | 177 |
| 15 | सूचीपत्र | 180 |