Tirth Sthal of the Nath Sampradaya & the Bhartrihari Cave

What is inside this book

The complete table of contents as printed in the book — from the mahatmya of the Bhartrihari cave to the Nath pilgrimage places of twenty-two Indian states and seventeen countries, each with its page and map.

In the author's words

सर्व चैतन्य चैतन्यम्।

जती नाथ गोरक्षम्॥

अखण्ड मण्डलाकारम्।

शिव स्वरुपम् नमोऽस्तुते॥

अर्थात् — सभी चैतन्यों में जो चेतना स्वरुप (आत्मस्वरुप) है, जो चराचर ब्रह्माण्डों में व्याप्त है ऐसे शिव स्वरुपी (पूर्ण ब्रह्मचारी) जती गोरक्षनाथ जी को समर्पित होकर आदेश के साथ नमस्कार करता हूँ।

आशय — इस «श्री नाथ सम्प्रदाय के तीर्थ स्थल» एवं प्राचीन भर्तृहरि गुफा महात्म्य ग्रन्थ के सभी तीर्थ स्थलों में श्री गोरक्षनाथ जी का वास है। अतएव सम्पूर्ण जगत (ब्रह्माण्ड सचराचर) में चेतना स्वरुप में वास करते हैं।

महन्त डॉ० योगी विलासनाथ

Main chapters

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1भर्तृहरि गुफा महात्म्य1
2प्राचीन ऐतिहासिक महात्म्य1
3वैराग्य प्रारम्भ1
4पतिव्रता धर्म की परीक्षा2
5श्मशान वैराग्य की प्राप्ति3
6तपस्या में रमण4
7पतित पावन माँ गंगा स्नान एवं नागदेवी मनसा माँ इतिहास5
8महाकवि भर्तृहरिनाथ जी एवं नागेश भेंट7
9एकान्तवास की इच्छा8
10माँ गंगा जी का प्रत्यक्ष साक्षात्कार8
11सतगुरु मिलन की आस10
12गुरु गोरक्षनाथ जी का शिव-स्वरुप साक्षात्कार11
13गुफा में शिवलिंग स्थापना13
14कर्ण छेदन संस्कार13
15भ्रमण एवं चमत्कार14
16हरिद्वार गुफा में पुनः आगमन19
17अमर भर्तृहरिनाथ जी एवं उनकी गुफा का इतिहास20
18नाथ सिद्धों का हरिद्वार एवं प्राचीन गुफा में आगमन21
19मठ अस्थल बोहर एवं अन्य नाथ सिद्ध पंथों का प्राचीन भर्तृहरि गुफा से सम्बन्ध तथा इतिहास23
20अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बारह पंथ योगी महासभा का निर्माण25
21गुरु गोरक्षनाथ जी का निर्माण25
22भर्तृहरि जी की प्राचीन गुफा26
23गुरु गोरक्षनाथ मन्दिर के विषय में28
24प्राचीन श्री माता मनसा देवी मन्दिर28
25पुजारी कक्ष29
26श्री नाथ जी का धूना30
27श्री नाथ जी का भण्डारा30
28सभापति निवास31
29उप सभापति निवास31
30प्रधान मंत्री कार्यालय32
31साधु सन्त निवास33
32मुख्य कार्यालय33
33मुख्य गेट33
34धर्मार्थ औषधालय34
35योगी महासभा के प्रबन्ध कार्यकारिणी समिति के अधिकारी एवं सदस्य सूची35
36श्री नाथ सम्प्रदाय के तीर्थ स्थल (स्थान महात्म्य, नाम, पते)41
37श्री नाथ सिद्धों के कुछ विख्यात तीर्थ स्थल, उनके महात्म्य तथा नाम पते42

Pilgrimage places, state by state

For each state, the pilgrimage places with their significance, names and addresses — and a map before each list.

No.SubjectPageMap
1हरियाणा4140
2राजस्थान9190
3उत्तर प्रदेश159158
4पंजाब198197
5चण्डीगढ़229228
6दिल्ली233232
7उत्तराखण्ड245244
8हिमाचल प्रदेश274273
9जम्मू एवं कश्मीर297296
10गुजरात–कच्छ308307
11मध्य प्रदेश333332
12पश्चिम बंगाल354353
13बिहार368367
14महाराष्ट्र373372
15कर्नाटका425424
16छत्तीसगढ़443442
17उड़ीसा447446
18आसाम455454
19त्रिपुरा455454
20तमिलनाडू (चैन्नई–मद्रास)468467
21आन्ध्र प्रदेश471470
22अन्दमान–निकोबार471470

Pilgrimage places abroad

No.SubjectPageMap
1कैलास पर्वत मार्ग475
2नेपाल476475
3पाकिस्तान489488
4अफ़ग़ानिस्तान511488
5बांगला देश514513

Europe

No.SubjectPageMap
1लॅटविया–रिगा (Latvia-Riga)521519
2इटली रोम (Italy Roma)523519
3इंग्लैण्ड (England)525519
4स्पेन (Spain)525519
5ऑस्ट्रीया (Austria)526519
6फ्रांस (France)527519
7पोर्तुगालु (Portugal)528519

Russia and West Asia

No.SubjectPageMap
1रशिया (Russia)531529
2युक्रेन (Ukraine)537529
3इस्राइल (Israil)541529

The Americas and elsewhere

No.SubjectPageMap
41अमेरिका (USA)544543
42ब्राजिल (Brazil)547543
43सिझेच रिपब्लिक (Czech Republic)548

And at the end

No.SubjectPage
44हरिद्वार क्षेत्र में नाथ सिद्धों के दर्शनीय सिद्ध स्थल552
45अन्य धार्मिक दर्शनीय स्थल552
46विशेष सूचना554
47विवरण पत्र के लिये निवेदन556

Tirth Sthal of the Nath Sampradaya & the Bhartrihari Cave

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